रविवार, 6 दिसंबर 2020
थारे झांझ नगाड़ा बाजे रे, सालसर के मंदिर में हनुमान विराजे रे, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब 🌹🌹🙏🙏🌹🌹 हनुमान विराजे रे बैठे बजरंग विराजे रे, थारे झांझ नगाड़ा बाजे रे..... भारत राजस्थान में जी सालसर इक धाम, सूरज श्यामि बड़ो रे देवो महिमा अप्रम पार, थारे लाल ध्वजा लहरावे रे, सालसर के मंदिर में हनुमान विराजे रे, थारे झांझ नगाड़ा बाजे रे..... नारे नारी गिनती को नहीं स्वर्ण छतर अपार, दूर देश से दर्शन करने आवे नर और नार, थारे जाख जगुडाला लागे रे, सालसर के मंदिर में हनुमान विराजे रे, थारे झांझ नगाड़ा बाजे रे..... चेत सुनी पूनम को मेलो भीड़ लगे आती भारी, नर नारी तेरा दर्शन करने आवे भरी भरी, बाबो अटका काज सवारे रे, सालसर के मंदिर में हनुमान विराजे रे, थारे झांझ नगाड़ा बाजे रे..... राम दूत अंजनी के लाल धरो हमेशा ज्ञान, मैं थारे चरणों का चाकर लाज रखो हनुमान, बाबो बेडा पार लगावे रे, सालसर के मंदिर में हनुमान विराजे रे, थारे झांझ नगाड़ा बाजे रे.....
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें